Published On: Thu, Sep 2nd, 2021

केंद्रीय हिंदी संस्थान: तालिबानी तांडव भी नहीं डिगा सका मनोबल, 15 अफगानी छात्राओं ने दिखाई हिंदी पढ़ने में रुचि


सार

अफगानिस्तान में अशांति और सत्ता परिवर्तन के बीच वहां के 15 छात्रों ने आगरा के केंद्रीय हिंदी संस्थान से हिंदी पढ़ने में रुचि दिखाई है। दूतावास के माध्यम से प्राप्त आवेदनों के आधार पर अफगानिस्तान के 30 छात्रों का चयन संस्थान में प्रवेश के लिए किया गया था। इनमें 15 छात्र-छात्राओं की सहमति संस्थान को मिल गई है। 

केंद्रीय हिंदी संस्थान में विदेशी छात्राएं (फाइल)
– फोटो : अमर उजाला

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आगरा के केंद्रीय हिंदी संस्थान में हिंदी पढ़ने के लिए चयनित 100 विदेशी छात्रों में से अभी तक महज 52 ने सहमति दी है। जबकि छात्रों को संस्थान की ओर दो बार मेल भेजा चुका है। सहमति आने में देरी से प्रवेश की प्रक्रिया में भी देरी हो रही है। सहमति देने वाले 52 विदेशी छात्रों में सर्वाधिक 15 अफगानी हैं। 

दूतावासों से प्राप्त आवेदन के आधार पर 31 देशों के छात्रों का चयन प्रवेश के लिए किया गया था। अभी तक 25 देशों के छात्रों ने सहमति दी है। इसमें सर्वाधिक अफगानिस्तान के करीब 15 छात्र-छात्राएं शामिल हैं। यहां के 30 छात्रों का चयन किया गया था। 

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संस्थान के अंतरराष्ट्रीय हिंदी शिक्षण विभागाध्यक्ष डॉ. जोगेंद्र सिंह मीणा ने बताया कि चयनित सभी छात्रों को दो बार ई-मेल भेजकर सहमति लेने का प्रयास किया गया। 52 छात्रों की सहमति मिली पाई है। विदेशी छात्र संस्थान में आकर पढ़ाई करने के लिए अधिक इच्छुक रहते हैं। 
अब प्रतीक्षा सूची में रखे गए 20 छात्रों को ई-मेल भेजकर सहमति मांगी जाएगी। अधिक दिनों तक प्रवेश की प्रक्रिया को लटकाया नहीं जा सकता है। अगले सप्ताह सहमति देने वाले छात्रों का ओरिएंटेशन कराने की तैयारी है।

‘ऑनलाइन पढ़ाई कराई जानी है’ 
केंद्रीय हिंदी संस्थान ने कोरोना को देखते हुए शैक्षणिक सत्र 2021-22 में विदेशी छात्रों को ऑनलाइन माध्यम से ही पढ़ाने का निर्णय लिया है। कुल 100 छात्रों का चयन प्रवेश के लिए किया गया है, जबकि 20 छात्रों को प्रतीक्षा सूची में रखा गया है। 

100 में से जो छात्र प्रवेश में रुचि नहीं दिखाएंगे, उनकी जगह प्रतीक्षा सूची से मौका दिया जाएगा। शैक्षणिक सत्र 2020-21 में भी ऑनलाइन कक्षा लगाई गई। 64 विदेशी छात्रों ने ही प्रवेश लिया था। इसी को देखते हुए इस बार प्रतीक्षा सूची भी बनाई गई। 
 

विस्तार

आगरा के केंद्रीय हिंदी संस्थान में हिंदी पढ़ने के लिए चयनित 100 विदेशी छात्रों में से अभी तक महज 52 ने सहमति दी है। जबकि छात्रों को संस्थान की ओर दो बार मेल भेजा चुका है। सहमति आने में देरी से प्रवेश की प्रक्रिया में भी देरी हो रही है। सहमति देने वाले 52 विदेशी छात्रों में सर्वाधिक 15 अफगानी हैं। 

दूतावासों से प्राप्त आवेदन के आधार पर 31 देशों के छात्रों का चयन प्रवेश के लिए किया गया था। अभी तक 25 देशों के छात्रों ने सहमति दी है। इसमें सर्वाधिक अफगानिस्तान के करीब 15 छात्र-छात्राएं शामिल हैं। यहां के 30 छात्रों का चयन किया गया था। 

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संस्थान के अंतरराष्ट्रीय हिंदी शिक्षण विभागाध्यक्ष डॉ. जोगेंद्र सिंह मीणा ने बताया कि चयनित सभी छात्रों को दो बार ई-मेल भेजकर सहमति लेने का प्रयास किया गया। 52 छात्रों की सहमति मिली पाई है। विदेशी छात्र संस्थान में आकर पढ़ाई करने के लिए अधिक इच्छुक रहते हैं। 



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