Published On: Fri, Aug 13th, 2021

गोरखपुरः वनटांगियां के गणेश को दिल्ली से आया ‘खास’ न्योता, लाल किले पर PM मोदी को बताएंगे अपने समुदाय की दास्तान


गोरखपुर, अनुराग पाण्डेय
उत्तर प्रदेश के गोखपुर जिले में स्थित वनटांगिया बस्ती में रहने वाले रामगणेश को बतौर विशेष अतिथि दिल्ली से आमंत्रित किया गया है। रामगणेश इस स्वतंत्रता दिवस पर दिल्ली में होने वाले राष्ट्रीय समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में लाल किले पर अपने वनटांगिया समुदाय के बारे में बताएंगे। लाल किले के स्वतंत्रता दिवस समारोह में पूरे उत्तर प्रदेश से कुल 10 लोगों को विशेष तौर पर आमंत्रित किया गया है। लिस्ट में शामिल गोरखपुर स्थित वनटांगिया में रहने वाले रामगणेश को साथ लेकर तहसीलदार चौरी-चौरा शुक्रवार को दिल्ली के लिए रवाना होंगे।

लाल किले पर प्रधानमंत्री की मौजूदगी में होने वाले स्वतंत्रता दिवस समारोह में विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित होने की सूचना मिलते ही वनटांगिया गांव तिकोनिया नंबर तीन के रामगणेश की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। इसके लिए वह बार-बार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को प्रणाम करते हैं और आभार जताते हैं। उन्होंने कहा, ‘हम लोगों पर बाबाजी की नजर नहीं पड़ी होती तो हम जंगलों में ही मरते-खपते रहते। उन्होंने तो हम लोगों को ‘जंगली’ से ‘इंसान’ बना दिया।’

इस तरह बदली थी वनटांगिया की दशा
रामगणेश ने कहा कि 100 साल तक बीच जंगल मे उपेक्षित रहे वनग्रामों के निवासियों को समाज की मुख्यधारा में लाने का श्रेय सीएम योगी को ही है। बतौर सांसद उन्होंने वनटांगियों की बदहाली दूर करने के लिए निजी तौर पर शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने की पहल की। वनटांगियों की शिक्षा के लिए अस्थायी स्कूल बनाने की कवायद में योगी मुकदमा तक झेल चुके हैं। योगी ने सांसद के रूप में उनके बीच ही दिवाली मनाना शुरू किया जो उनके मुख्यमंत्री बनने के बाद भी निर्बाध जारी है।

साल 2017 में मुख्यमंत्री बनने के बाद से तो उन्होंने वनटांगिया गांवों की दशा ही बदल दी है। सौ सालों तक उपेक्षित रहे वनटांगियों को भारतीय गणतंत्र के नागरिक के रूप में सीएम योगी आदित्यनाथ ने पहचान दिलाई। अंग्रेजी हुकूमत में 1918 के आसपास साखू के जंगलों को लगाने वाले ये लोग आजाद भारत में भी राजस्व अभिलेखों में दर्ज ही नहीं थे। साल 2017 में योगी मुख्यमंत्री बने तो उन्होंने वनटांगिया गांवों को राजस्व ग्राम घोषित कर उन्हें अधिकार दिलाया।

जंगल मे बसी वनटांगिया बस्तियों में शहर सरीखी सुविधाओं की सौगात दी। आज यहां पर सड़क, बिजली और पानी समेत शहर की हर सुविधा है। गौर करने वाली बात ये है कि बिजली का बिल जमा करने में भी सबसे आगे वनटांगिया के लोग ही रहते हैं।



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