Published On: Fri, Aug 27th, 2021

तालिबान का खौफ! 5 लाख अफगानी छोड़ सकते हैं मुल्क, UNHCR की अपील- पड़ोसी बॉर्डर खुला रखें


अफगानिस्तान के मौजूदा हालत को देखते हुए संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी यानी यूएनएचसीआर ने कहा है कि 5 लाख से ज्यादा अफगानी मुल्क छोड़ कर निकल सकते हैं। शुक्रवार को यह अंदेशा जताते हुए संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी ने सभी पड़ोसी मुल्कों से अपील की है कि वो अपने बॉर्डरों को खोल दें। संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी की तरफ से कहा गया कि अफगानिस्तान के बिगड़े हालातों के बीच 5 लाख से ज्यादा अफगानी देश छोड़ कर निकल सकते हैं। एजेंसी ने अपील की है कि इन लोगों की सुरक्षा को देखते हुए पड़ोसी मुल्क अपनी सीमा को खोल दें। यूएन हाई कमिश्नर फॉर रिफ्यूजिज, केली क्लेमेन्ट्स ने कहा कि ‘अगर संख्या की बात करें तो हम करीब 5 लाख नए प्रवासियों के लिए खुद को तैयार कर रहे हैं। यह सबसे खराब हालात हैं।’

उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान के अंदर हालात इतने खराब हैं कि इसके बारे में कल्पना नहीं की जा सकती है। आपको याद दिला दें कि 15 अगस्त 2021 को जैसे ही तालिबान ने काबुल पर कब्जा जमाया था, पूरे अफगानिस्तान में हड़कंप मच गया। अफगानिस्तान छोड़ कर निकलने की जल्दी काबुल एयरपोर्ट पर नजर आई। यहां लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। देश छोड़ कर भागने की जल्दी में लगे लोगों की जो तस्वीरें आईं वो बेहद ही हैरान करने वाली थीं। लोग एयरपोर्ट पर बेतहाशा दौड़ते-भागते नजर आए थे। यहां तक कि विमान में सवार होने के लिए लोग रनवे पर विमान के साथ-साथ दौड़ लगाते नजर आ रहे थे। इतना ही नहीं कुछ लोग इस जल्दी में विमान से लटके भी नजर आए और इस दौरान हादसा भी हुआ। 

बंदूक की नोंक पर अफगानिस्तान को कब्जे में लेने वाले तालिबान से पीछा छुड़ाने की चाहत रखने वाले हजारों लोग अभी भी काबुल एयरपोर्ट पर जमा हैं। यह लोग किसी भी तरह वहां से निकल जाना चाहते हैं। एक तरफ काबुल एयरपोर्ट से लोगों को निकाला जा रहा है तो दूसरी ओर पड़ोसी देशों की सीमाओं पर भी परिवार के साथ अफगानी लोग बड़ी संख्या में शरण लेने पहुंच रहे हैं। अमेरिका, कतर, ब्रिटेन, जर्मनी, यूएई समेत कई देशों में इन शरणार्थियों को रखा जा रहा है। अफगानिस्तान की सीमा 5 देशों से लगती है। ईरान, पाकिस्तान, उज्बेकिस्तान, तुर्कमेनिस्तान और ताजिकिस्तान।

तालिबान के पूरी तरह सत्ता में आने के महीनों पहले ही अफगानी लोगों को खतरा साफ दिखने लगा था। जैसे-जैसे एक-एक शहर तालिबान के कब्जे में आते गए लोगों के पलायन का सिलसिला भी तेज होता गया। कुछ लोगों ने पड़ोसी देशों की सीमाओं की ओर रुख किया तो हजारों लोगों ने अफगानिस्तान के अंदर ही दूसरे इलाकों में शरण ली थी। अफगानिस्तान से सटे देशों की सीमाओं पर इन शरणार्थियों को फिलहाल जगह दी गई है, हालांकि अभी भी कई लोग यहां से निकलने की कोशिश में लगे हुए हैं। 

संबंधित खबरें



Source link

About the Author

-

Leave a comment

XHTML: You can use these html tags: <a href="" title=""> <abbr title=""> <acronym title=""> <b> <blockquote cite=""> <cite> <code> <del datetime=""> <em> <i> <q cite=""> <s> <strike> <strong>

  • A WordPress Commenter on Hello world!