Published On: Fri, Aug 13th, 2021

नागपंचमी आज : दूध-लावा चढ़ाकर पूजे जाएंगे नागदेव


अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Fri, 13 Aug 2021 12:47 AM IST

सार

परंपरा के अनुसार घरों के प्रवेश द्वार के दोनों ओर गोबर से नाग-नागिन का चित्र बनाकर उनके निमित्त दूध-लावा चढ़ाया जाएगा। नागवासुकि और तक्षकतीर्थ दोनों में ही श्रद्धालुओं की पूजा अर्चना के लिए विशेष तैयारियां की गई हैं।

नाग पंचमी

नाग पंचमी
– फोटो : अमर उजाला ब्यूरो

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विस्तार

नागपंचमी शुक्रवार को मनाई जाएगी। इस मौके पर नागदेव के निमित्त घरों में पूजन-अर्चन सहित दारागंज स्थित नागवासुकि मंदिर और दरियाबाद स्थित तक्षक तीर्थ-बड़ा शिवाला के अतिरिक्त शहर के अनेक शिव मंदिरों में अभिषेक और अनुष्ठान होंगे। परंपरा के अनुसार घरों के प्रवेश द्वार के दोनों ओर गोबर से नाग-नागिन का चित्र बनाकर उनके निमित्त दूध-लावा चढ़ाया जाएगा। नागवासुकि और तक्षकतीर्थ दोनों में ही श्रद्धालुओं की पूजा अर्चना के लिए विशेष तैयारियां की गई हैं।

नागवासुकि मंदिर में कोविड प्रोटोकाल का पालन करते हुए महारुद्राभिषेक, महाआरती सहित अन्य कार्यक्रम होंगे। वहीं दरियाबाद स्थित तक्षकतीर्थ में सुबह तक्षक पूजन के बाद रुद्राभिषेक जबकि शाम को शृंगार आरती के अतिरिक्त कालसर्प दोष निवारण के लिए विशेष पूजा-अनुष्ठान, भजन संध्या केबाद रात्रि आरती होगी।

सर्पदोष से मुक्ति को होंगे पूजन-अभिषेक

मान्यता है कि नागवासुकि और तक्षकतीर्थ में दर्शन,अभिषेक से सर्पबाधा, सर्पदोष से मुक्ति मिलती है। पुजारी श्यामधर त्रिपाठी के अनुसार नागवासुकि को योग का प्रदाता माना जाता है। समुद्र मंथन के समय नागवासुकि ने ही नेती का काम किया था। पीठाधीश्वर रविशंकर जी महाराज के मुताबिक तक्षकतीर्थ में पूजन से अश्वमेध यज्ञ का फल मिलता है। व्यक्ति कुल विषबाधा से भी छुटकारा पाता है। वहीं अतरसुइया स्थित सिद्धपीठ शनिधाम में नागपंचमी पर नागरानी मंसा देवी का विशेष पूजन, शृंगार किया जाएगा। पीठाधीश्वर परागजी के मुताबिक सुबह मंसा देवी, भैरव बाबा का पंचामृत स्नान और शाम को उन्हें सुहाग की सामग्री चढ़ाई जाएगी।

खूब रही धान के लावा की मांग

नागपंचमी पर नागों के निमित्त दूध के साथ-साथ धान का लावा भी चढ़ाया जाएगा। ऐसे में बृहस्पतिवार को लावा को लेकर भड़भूजों के यहां भीड़ रही। नखासकोहना से लेकर अन्य बाजारों में धान के लावा की मांग रही। भड़भूजे मोहल्ला-मोहल्ला चक्कर लगाते रहे।

नहीं मचेगी गुड़िया के मेले की धूम

नागपंचमी पर अबकी कोविड प्रोटोकाल के कारण नागतीर्थों नागवासुकि, तक्षकतीर्थ के अतिरिक्त ककरहा घाट, बलुआघाट पर गुड़िया का मेला नहीं लगेगा। वहीं गाड़ीवान टोला, खुल्दाबाद की गुड़िया मेला कमेटी के अध्यक्ष शिवशंकर विश्वकर्मा ने कहा, नागपंचमी पर गुड़िया तालाब पर मेला नहीं लगेगा लेकिन तालाब की सफाई कराई जाएगी ताकि तालाब के भीतर पूजा हो सके। बैठक में बब्बन सिंह, महामंत्री राकेश अग्रवाल, चांद मिया, प्रदीप केसरवानी आदि मौजूद थे।

सिर्फ परंपरा निर्वहन को दम दिखाएंगे पहलवान

नागपंचमी पर अबकी कोविड प्रोटोकाल का पालन करते हुए ही दंगल होगा। दारागंज स्थित प्राचीन रघुनाथदास व्यायामशाला में प्रकाश पहलवान तथा प्रयागराज सेवा समिति की पहल पर सुबह 11 बजे से दंगल होगा। लोकनाथ व्यायामशाला के सचिव रामजी केसरवानी ने भी कहा, कोविड प्रोटोकाल के अनुसार सुबह दस बजे से सिर्फ अखाड़े के सदस्य ही दंगल की परंपरा निभाएंगे, बाहरी पहलवानों को नहीं आमंत्रित किया गया है।



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