Published On: Fri, Aug 13th, 2021

नाग पंचमी पर पूजे गए नागदेव, नागवासुकि मंदिर और तक्षकतीर्थ पर उमड़ी भीड़


अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Fri, 13 Aug 2021 05:38 PM IST

सार

परंपरा के अनुसार घरों के प्रवेश द्वार के दोनों ओर गोबर से नाग-नागिन का चित्र बनाकर उनके निमित्त दूध-लावा चढ़ाया गया। नागवासुकि और तक्षकतीर्थ दोनों में ही श्रद्धालुओं की पूजा अर्चना के लिए विशेष तैयारियां की गई थीं।

nag panchami 2020

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– फोटो : nag panchami 2020

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विस्तार

जिले में नाग पंचमी का त्योहार शुक्रवार को धूमधाम के साथ परंपरागत तरीके से मनाया गया। नागदेव के निमित्त घरों में पूजन-अर्चन सहित दारागंज स्थित नागवासुकि मंदिर और दरियाबाद स्थित तक्षक तीर्थ-बड़ा शिवाला के अतिरिक्त शहर के अनेक शिव मंदिरों में अभिषेक और अनुष्ठान किया गया। मंदिरों पर भारी भीड़ रही। परंपरा के अनुसार घरों के प्रवेश द्वार के दोनों ओर गोबर से नाग-नागिन का चित्र बनाकर उनके निमित्त दूध-लावा चढ़ाया गया। नागवासुकि और तक्षकतीर्थ दोनों में ही श्रद्धालुओं की पूजा अर्चना के लिए विशेष तैयारियां की गई थीं। यहां पर सुरक्षा की दृष्टि से बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। 

नागवासुकि मंदिर में कोविड प्रोटोकाल का पालन करते हुए महारुद्राभिषेक, महाआरती सहित अन्य कार्यक्रम आयोजन किया गया। वहीं दरियाबाद स्थित तक्षकतीर्थ में सुबह तक्षक पूजन के बाद रुद्राभिषेक जबकि शाम को शृंगार आरती के अतिरिक्त कालसर्प दोष निवारण के लिए विशेष पूजा-अनुष्ठान, भजन संध्या केबाद रात्रि की गई।

सर्पदोष से मुक्ति के लिए किया गया पूजन-अभिषेक

मान्यता है कि नागवासुकि और तक्षकतीर्थ में दर्शन,अभिषेक से सर्पबाधा, सर्पदोष से मुक्ति मिलती है। पुजारी श्यामधर त्रिपाठी के अनुसार नागवासुकि को योग का प्रदाता माना जाता है। समुद्र मंथन के समय नागवासुकि ने ही नेती का काम किया था। पीठाधीश्वर रविशंकर जी महाराज के मुताबिक तक्षकतीर्थ में पूजन से अश्वमेध यज्ञ का फल मिलता है। व्यक्ति कुल विषबाधा से भी छुटकारा पाता है। वहीं अतरसुइया स्थित सिद्धपीठ शनिधाम में नागपंचमी पर नागरानी मंसा देवी का विशेष पूजन, शृंगार किया गया। पीठाधीश्वर परागजी के मुताबिक सुबह मंसा देवी, भैरव बाबा का पंचामृत स्नान और शाम को उन्हें सुहाग की सामग्री चढ़ाई गई। बड़ी संख्या में महिलाओं ने विधि विधान से पूजा अर्चना कर अभिषेक भी किया।

खूब रही धान के लावा की मांग

नागपंचमी पर नागों के निमित्त दूध के साथ-साथ धान का लावा भी चढ़ाया जाता है। ऐसे में मंदिरों के आसपास और बाजार में लावा को लेकर भड़भूजों के यहां भीड़ रही। नखासकोहना से लेकर अन्य बाजारों में धान के लावा की मांग रही। भड़भूजे मोहल्ला-मोहल्ला चक्कर लगाते रहे।

नहीं लगा गुड़िया का मेला

नागपंचमी पर अबकी कोविड प्रोटोकाल के कारण नागतीर्थों नागवासुकि, तक्षकतीर्थ के अतिरिक्त ककरहा घाट, बलुआघाट पर गुड़िया का मेला नहीं लगा। वहीं गाड़ीवान टोला, खुल्दाबाद की गुड़िया मेला कमेटी के अध्यक्ष शिवशंकर विश्वकर्मा ने कहा, नागपंचमी पर गुड़िया तालाब पर मेला नहीं लगाया गया, लेकिन पूजा अर्चना के लिए तालाब की सफाई की गई है।



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