Published On: Sun, Sep 5th, 2021

पहले की छेड़खानी, फिर बना पति… अब मिली तीन साल की सजा


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अमरोहा। परिजनों की गैर मौजूदगी में किशोरी से छेड़छाड़ के मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट की अदालत ने दोषी को तीन साल की सजा सुनाई है। साथ ही 12 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। आरोपी जमानत पर बाहर था, कोर्ट का फैसला आने के बाद उसे कस्टडी में लेकर जेल भेज दिया है। वर्तमान में दोषी पीड़िता का पति है। जमानत पर छूटने के बाद दोनों ने शादी कर ली थी।
यह मामला नौगावां सादात के एक मोहल्ले का है। यहां पर मजदूर का परिवार रहता है। 12 जुलाई 2014 को दंपती दवाई लेने के लिए चिकित्सक के पास गए थे। इस दौरान उनकी पंद्रह वर्षीय बेटी घर पर अकेली थी। तभी पड़ोस में रहने वाले युवक ने घर में घुसकर उससे छेड़खानी की थी। तभी पीड़िता की मां आ गई थी। बाद में फैसले का दबाव बनाया। कई दिन तक मुकदमा नहीं लिखने दिया। बमुश्किल पिता ने नबी हसन के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। इसके बाद पुलिस ने आरोपी नबी हसन को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। फिलहाल वह जमानत पर जेल से बाहर था। जमानत से छूटने के बाद नबी हसन ने पीड़िता से निकाह कर लिया था। वर्तमान में दोनों पति-पत्नी के रूप में रह रहे हैं। लेकिन पीड़िता के कलमबंद बयान के आधार पर यह मुकदमा अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विशेष (पॉक्सो एक्ट प्रथम) अवधेश कुमार सिंह की अदालत में विचाराधीन था।
शनिवार को अदालत ने मामले में सुनवाई की। विशेष लोक अभियोजक पॉक्सो एक्ट बसंत सिंह सैनी ने दोषी को सख्त सजा देने की मांग की। न्यायालय ने साक्ष्य और सबूतों के आधार पर आरोपी नबी हसन को दोषी करार दिया और तीन साल की सजा सुनाई। साथ ही उस पर 12 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।

अमरोहा। परिजनों की गैर मौजूदगी में किशोरी से छेड़छाड़ के मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट की अदालत ने दोषी को तीन साल की सजा सुनाई है। साथ ही 12 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। आरोपी जमानत पर बाहर था, कोर्ट का फैसला आने के बाद उसे कस्टडी में लेकर जेल भेज दिया है। वर्तमान में दोषी पीड़िता का पति है। जमानत पर छूटने के बाद दोनों ने शादी कर ली थी।

यह मामला नौगावां सादात के एक मोहल्ले का है। यहां पर मजदूर का परिवार रहता है। 12 जुलाई 2014 को दंपती दवाई लेने के लिए चिकित्सक के पास गए थे। इस दौरान उनकी पंद्रह वर्षीय बेटी घर पर अकेली थी। तभी पड़ोस में रहने वाले युवक ने घर में घुसकर उससे छेड़खानी की थी। तभी पीड़िता की मां आ गई थी। बाद में फैसले का दबाव बनाया। कई दिन तक मुकदमा नहीं लिखने दिया। बमुश्किल पिता ने नबी हसन के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। इसके बाद पुलिस ने आरोपी नबी हसन को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। फिलहाल वह जमानत पर जेल से बाहर था। जमानत से छूटने के बाद नबी हसन ने पीड़िता से निकाह कर लिया था। वर्तमान में दोनों पति-पत्नी के रूप में रह रहे हैं। लेकिन पीड़िता के कलमबंद बयान के आधार पर यह मुकदमा अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विशेष (पॉक्सो एक्ट प्रथम) अवधेश कुमार सिंह की अदालत में विचाराधीन था।

शनिवार को अदालत ने मामले में सुनवाई की। विशेष लोक अभियोजक पॉक्सो एक्ट बसंत सिंह सैनी ने दोषी को सख्त सजा देने की मांग की। न्यायालय ने साक्ष्य और सबूतों के आधार पर आरोपी नबी हसन को दोषी करार दिया और तीन साल की सजा सुनाई। साथ ही उस पर 12 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।



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