Published On: Tue, Aug 10th, 2021

प्रयागराज में बाढ़ का कहर, श्मशान घाटों पर भरा पानी, सड़कों पर अंतिम संस्कार करने मजबूर लोग


हाइलाइट्स

  • प्रयागराज के रहने वाले लोगों को पहले कोविड-19 के संक्रमण ने सताया
  • अब शहर के कई इलाके के लोगों को तेजी से बढ़ रहा जलस्तर चिंता का कारण बना हुआ है
  • बाढ़ का पानी खतरे के निशान से 1 मीटर ऊपर बह रहा है
  • गंगा और यमुना नदियों के उफनाने से जहां हजारों परिवार बेघर हो गए हैं

प्रयागराज
प्रयागराज के रहने वाले लोगों को पहले कोविड-19 के संक्रमण ने सताया। अब शहर के कई इलाके के लोगों को तेजी से बढ़ रहा जलस्तर चिंता का कारण बना हुआ है। बाढ़ का पानी खतरे के निशान से 1 मीटर ऊपर बह रहा है। गंगा और यमुना नदियों के उफनाने से जहां हजारों परिवार बेघर हो गए हैं। वहीं, खतरे के निशान से ऊपर बह रही गंगा नदी के सैलाब से प्रयागराज के अधिकतर श्मशान घाट पूरी तरीके से जलमग्न हो गए हैं।

दारागंज श्मशान घाट पूरी तरह डूबा
दारागंज श्मशान घाट पूरी तरह डूब गया है। आलम ये है कि लोगों को अंतिम संस्कार के लिए जगह नहीं मिल रहा है। दारागंज श्मशान घाट के सड़क पर ही चिता सजा कर शवदाह करने को लोग मजबूर हो रहे है। यही नहीं इस सड़क पर भी इतनी जगह नहीं है कि अंतिम संस्कार हो सके लेकिन लोगों के पास मजबुरी है।

बाढ़ में श्मशान घाट डूबा
प्रयागराज में बाढ़ का कहर अब साफ नजर आने लगा है। प्रयागराज के ककरहा घाट, नैनी अरैल, झूंसी छतनाग, रसूलाबाद श्मशान घाट, फाफामऊ श्मशान घाट, दारागंज श्मशान घाट पर बाढ़ का पानी भर गया है। दूरदराज से अपने परिजनों को मुक्ति दिलाने के लिए बड़ी संख्या में लोग प्रयागराज के दारागंज श्मशान घाट पहुंच रहे हैं। यहां का नजारा बिल्कुल लोगों को डरा देने वाला है। लोग सड़कों पर अपनों की चिताएं लगाकर मुखाग्नि दे रहे हैं।

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घरों के सामने अंतिम संस्कार कर रहे लोग
दारागंज श्मशान घाट के पास विद्युत शवदाह गृह भी है, लेकिन धार्मिक मान्यता के चलते लोग अपने परिजनों को गंगा तट पर लकड़ी की चिता में शवदाह करना चाहते हैं। हालांकि, गंगा नदी की बाढ़ के चलते अंतिम संस्कार को लेकर परेशानी उठानी पड़ रही है। वहीं घाट के पास रहने वाले स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस घर में हम लोग रह रहे हैं ठीक उसके सामने ही अंतिम संस्कार हो रहा है। इस वजह से कई दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

जिला प्रशासन ने बनाया बाढ़ राहत कैंप
प्रयागराज में खतरे के निशान से बह रही गंगा यमुना को लेकर प्रयागराज जिला प्रशासन पहले से अलर्ट है और निचले इलाकों के आसपास एनडीआरएफ एसडीआरएफ जल पुलिस को भी लगाया गया है। बाढ़ में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों और बनाए गए बाहर बाढ़ राहत कैप में पहुंचा रहे हैं। बाढ़ का हालात का जायजा खुद प्रयागराज जिलाप्रशासन के आला अधिकारी ले रहे हैं। प्रयागराज के राजापुर इलाके के लोगों के लिए बाल्मीकि स्कूल में और छोटा बघाड़ा के लोगों के लिए एनी बेसेंट स्कूल में बाढ़ राहत कैंप लगाया गया है। जिसमें बाढ़ से प्रभावित लोग रह रहे हैं।

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बाढ़ में डूबे घरों में चोरी की वारदात
प्रयागराज में बाढ़ का पानी घरों में घुस जाने के बाद लोग अपने घरों को छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर चले जाते हैं। इस वजह से चोर खाली पड़े घरों को अपना निशाना बना कर घरों में चोरी कर फरार हो जाते हैं। पिछली बार प्रयागराज में आई बाढ़ में ऐसी कई घटनाएं सामने आई इस वजह से इस बार पुलिस ने बाढ़ ग्रस्त इलाकों में पुलिस की पेट्रोलिंग बढ़ा दी है। प्रयागराज आईजी के पी सिंह के मुताबिक चोरी की घटनाओं को रोकने के लिए पुलिस की पेट्रोलिंग बढ़ा दी गई है ताकि इस बार चोर चोरी की घटनाओं को अंजाम ना दे सकें।

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