Published On: Fri, Sep 10th, 2021

बिजनौर से छोड़ा एक लाख क्यूसेक पानी, खादर के गांवों में बढ़ी हलचल


ख़बर सुनें

गजरौला। गंगा में 12 घंटे में एक लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के कारण फिर बाढ़ की नौबत आ गई है। तिगरी में गंगा का जल स्तर 40 सेंटीमीटर बढ़ गया है। टापू और खादर के इलाकों में गंगा का पानी भरने लगा है। ओसीता जगदेवपुर के साथ ही टापू में बसे ग्रामीणों की दुश्वारियां फिर बढ़ने लगी हैं।
गंगा में बिजनौर बैराज से बुधवार की शाम चार बजे 52 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। बृहस्पतिवार की सुबह 48 हजार क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया गया। 12 घंटे में एक लाख पानी छोड़े जाने के कारण तिगरी का जल स्तर 199.70 मीटर से बढ़ कर 200.10 मीटर हो गया। 40 सेंटीमीटर जल स्तर बढ़ने से खादर के इलाकों में फिर बाढ़ की नौबत आ गई है। ओसीता जगदेवपुर के साथ ही गंगा और रामगंगा पोषक नहर के टापू में बसे दारानगर, शीशों वाली, भुड्डी वाली गांवों के ग्रामीणों की दुश्वारियां फिर बढ़ गई हैं। खेतों में पानी भर जाने से चारा आदि लाने में खासी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। जहां टापू के गांवों के खेतों में पानी भर गया है, वहीं ओसीता जगदेवपुर का खेतों की तरफ जाने वाला मार्ग भी जलमग्न हो गया है। कई दिन से राहत की सांस ले रहे ग्रामीणों के सामने गंगा में अचानक बढ़े पानी से परेशानी खड़ी हो गई है। जिन फसलों को कुछ राहत मिली थी, उनमें फिर पानी भर गया है। जिससे फसलें नष्ट होने की संभावना बढ़ गई है।
12 घंटे में एक लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के तिगरी में गंगा का जल स्तर बढ़ गया है। पानी का गेज 40 सेंटीमीटर बढ़ गया है। बाढ़ का पानी खेतों में भरने लगा है।
-अनवार बहादुर खान, जेई, बाढ़ खंड तिगरी

गजरौला। गंगा में 12 घंटे में एक लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के कारण फिर बाढ़ की नौबत आ गई है। तिगरी में गंगा का जल स्तर 40 सेंटीमीटर बढ़ गया है। टापू और खादर के इलाकों में गंगा का पानी भरने लगा है। ओसीता जगदेवपुर के साथ ही टापू में बसे ग्रामीणों की दुश्वारियां फिर बढ़ने लगी हैं।

गंगा में बिजनौर बैराज से बुधवार की शाम चार बजे 52 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। बृहस्पतिवार की सुबह 48 हजार क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया गया। 12 घंटे में एक लाख पानी छोड़े जाने के कारण तिगरी का जल स्तर 199.70 मीटर से बढ़ कर 200.10 मीटर हो गया। 40 सेंटीमीटर जल स्तर बढ़ने से खादर के इलाकों में फिर बाढ़ की नौबत आ गई है। ओसीता जगदेवपुर के साथ ही गंगा और रामगंगा पोषक नहर के टापू में बसे दारानगर, शीशों वाली, भुड्डी वाली गांवों के ग्रामीणों की दुश्वारियां फिर बढ़ गई हैं। खेतों में पानी भर जाने से चारा आदि लाने में खासी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। जहां टापू के गांवों के खेतों में पानी भर गया है, वहीं ओसीता जगदेवपुर का खेतों की तरफ जाने वाला मार्ग भी जलमग्न हो गया है। कई दिन से राहत की सांस ले रहे ग्रामीणों के सामने गंगा में अचानक बढ़े पानी से परेशानी खड़ी हो गई है। जिन फसलों को कुछ राहत मिली थी, उनमें फिर पानी भर गया है। जिससे फसलें नष्ट होने की संभावना बढ़ गई है।

12 घंटे में एक लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के तिगरी में गंगा का जल स्तर बढ़ गया है। पानी का गेज 40 सेंटीमीटर बढ़ गया है। बाढ़ का पानी खेतों में भरने लगा है।

-अनवार बहादुर खान, जेई, बाढ़ खंड तिगरी



Source link

About the Author

-

Leave a comment

XHTML: You can use these html tags: <a href="" title=""> <abbr title=""> <acronym title=""> <b> <blockquote cite=""> <cite> <code> <del datetime=""> <em> <i> <q cite=""> <s> <strike> <strong>

  • A WordPress Commenter on Hello world!