Published On: Sun, Jul 19th, 2020

बिहार में फिर बिजली का कहर टूटा, 10 की मौत, बने बाढ़ के हालात


(Bihar News ) बिहार में बारिश के दौरान वज्रपात से सात ( Thunderclap died 10 )जिलों के दस जनों की मौत हो गई। मौसम विभाग ने पहले ही वज्रपात को लेकर सावधान रहने और घरों से बाहर नहीं निकलने की चेतावनी जारी की थी। बिहार के विभिन्न जिलों में इस बार वज्रपात से अभी तक 365 लोग मारे जा चुके हैं।

समस्तीपुर(बिहार)प्रियरंजन भारती: (Bihar News ) बिहार में बारिश के दौरान वज्रपात से सात ( Thunderclap died 10 )जिलों के दस जनों की मौत हो गई। मौसम विभाग ने पहले ही वज्रपात को लेकर सावधान रहने और घरों से बाहर नहीं निकलने की चेतावनी जारी की थी। मुख्यमंत्री ने शोक प्रकट करते हुए सभी मृतकों के आश्रितों को चार चार लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की है। रविवार को पूर्णियां के 3, बेगूसराय 2,पटना 1, सहरसा 1, पूर्वी चंपारण 1, दरभंगा 1 तथा मधेपुरा के एक व्यक्ति की वज्रपात से मौत हो गई। रविवार को दिन भर कई जिलों में हुई बारिश के दौरान ये हादसे हुए। बिहार के विभिन्न जिलों में इस बार वज्रपात से अभी तक 365 लोग मारे जा चुके हैं।

जमींदारी बांध टूट गया

उत्तर बिहार के साथ-साथ नेपाल (Rain in Nepal ) के तराई इलाकों में पिछले 24 घंटे से रुक-रुक कर हो रही बारिश से गंडक, बूढ़ी गंडक, बागमती (Rivers flowing on danger mark ) समेत अन्य छोटी नदियां भी खतरे के (Village evacuated ) निशान को छूने लगी हैं। दरभंगा के केवटी में फिर से जमींदारी बांध टूट गया। इससे कई इलाकों में पानी भर गया। गोपालपुर के तीन वार्डों में बाढ़ का पानी घुस गया है। इसके अलावा माधोपट्टी, कजाज़्पट्टी व बरियौल आदि पंचायतों में बाढ़ का पानी फैल रहा है। दो दिन पहले भी जमींदारी बांध टूटा था। डीएम के आदेश पर बांध की मरम्मत की गई थी। अब कुछ ही दूरी पर फिर से वहीं बांध टूट गया है। आनन-फानन में इस बांध से भागकर विस्थापितों के परिवार ने समीप के रेलवे लाइन के आसपास शरण लिया। उधर, धौस नदी का पानी इलाके के ननौरा तथा पैगम्बरपुर पंचायत में फैलने लगा है। लोगों में दहशत का माहौल बना हुआ है।

बागमती से बाढ़
भारी बारिश के दौर से बागमती उफान पर है। बागमती का पानी निचल दस गांवों मे घुस गया है। इससे इन गांवों की बड़ी आबादी तटबंध पर शरण लेने को विवश हो गई है। जिले के रजपा, मलीकौली, तीरा, रामदीरी, ढाब, जटमलपुर, कमरगामा, मोरवाड़ा, गोबरसिठ्ठा, सुरही आदि गांव में तटबंध के निचले इलाके में बसे लोगों के घरों में बागमती का पानी घुस गया है। इसके बावजूद उन्हें किसी प्रकार की सहायता प्रशासनिक स्तर पर नहीं मिल पायी है। ग्रामीण अपने मवेशियों के साथ तटबंध पर आ गए हैं।

ग्रामीण व मवेशी तटबंध पर
खरसंड पश्चिमी के करीब 300 परिवार केे घर को बाढ़ के पानी ने चारों ओर से घेर लिया है। यही हाल कमरगामा, गोबरसिठ्ठा, सूरही गांवाों की भी है। घर में पानी घुसने के कारण मवेशी के साथ तटबंध पर शरण लिए हुए हैं परंतु सरकारी स्तर पर अभी तक कोई राहत उपलब्ध नहीं करायी गयी हैे। हालांकि सीओ अभयपद दास ने बताया कि खरसंड पश्चिमी, नामापुर व कलौंजर पंचायत में तीन-तीन नाव उपलब्ध करा दी गयी है। ताकि लोगों को आवागमन में असुविधा नहीं हो।

फसल हुई तबाह
सिघिया प्रखंड क्षेत्र के निचले हिस्से में अनुमान से अधिक असमय बाढ़ का पानी घुस गया है। कुंडल दो, महरा,सोनसा सालेहपुर, हरदिया पंचायत के हरदिया, बहदुरा, डुमरा, मिल्की बस्ती, इस्लामपुर आदि गांव के साथ-साथ बंगराहाटा, वारी, नीरपुर भरडिया, कंजारा, विसरिया, मूसा, हर्निया, कैलाशी, अकौना निम्मी राजघाट लव टोलिया, लक्ष्मीनिया समेत दर्जनों गांव नदी के पानी से घिर चुके हैं। किसानों की फसल पूर्णतया नष्ट हो चुकी है। प्रखंड क्षेत्र के इन गांवों के किसानों की फसल नष्ट होने से किसानों की कमर टूट गई है।


















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