Published On: Wed, Sep 1st, 2021

सुपर स्ट्रा मैनेजमेंट के बिना नहीं चलेंगे कंबाइन और हार्वेस्टर


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आजमगढ़। पराली जलाने की समस्या के प्रति सरकार गंभीर है। अपर मुख्य सचिव कृषि देवेश चतुर्वेदी ने वीडियो कांफ्रेंसिंग में अधिकारियों से कहा कि बिना सुपर एक्स्ट्रा मैनेजमेंट सिस्टम लगाए चलने वाली कटाई करने पर मशीन को सीज कर लिया जाए और उस मालिक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई जाए। हर कंबाइन व हार्वेस्टर की निगरानी के लिए कृषि विभाग के एक कर्मचारी की जाए।
अपर मुख्य सचिव कृषि ने कहा कि किसानों के पर पराली जलाने के दर्ज मुकदमों को वापस लेने का निर्देश पहले ही दिया जा चुका है। अब तक जिन किसानों से जुर्माना की वसूल नहीं किया गया है, उसे माफ कर दिया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को धान की कटाई से पहले पराली प्रबंधन को लेकर योजना बनाने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि हर न्याय पंचायत स्तर पर गोष्ठियों का आयोजन कर किसानों को जागरूक करें। पराली प्रबंधन के लिए न्याय पंचायत स्तर पर प्रयास किया जाए। स्कूल, पंचायत भवन, अस्पताल आदि की दीवारों पर परानी जलाने से होने वाले नुकसान के बारे में स्लोगन लिखवाए जाएं। जिले स्तर पर भी गोष्ठियों का आयोजन किया जाए। कृषि यंत्रों के अनुदान का वितरण जल्द से जल्द किया जाए।
जिले की 220 न्याय पंचायतों में आज गोष्ठियां
आजमगढ़। उप कृषि निदेशक संगम सिंह ने बताया कि जनपद में दो सितंबर से न्याय पंचायत स्तर पर गोष्ठियों का आयोजन शुरू किया जा रहा है। इसके लिए 220 न्याय पंचायतों का चयन किया गया है। यह कार्यक्रम नौ सितंबर तक चलेगा। पिछले साल जनपद में पराली जलाने की 63 घटनाएं हुई थी। जिन क्षेत्रों में सबसे ज्यादा पराली जलाने की घटनाएं हुई हैं उन क्षेत्रों में 15 से 30 सितंबर तक प्रदर्शनी का आयोजन किया जाएगा।

आजमगढ़। पराली जलाने की समस्या के प्रति सरकार गंभीर है। अपर मुख्य सचिव कृषि देवेश चतुर्वेदी ने वीडियो कांफ्रेंसिंग में अधिकारियों से कहा कि बिना सुपर एक्स्ट्रा मैनेजमेंट सिस्टम लगाए चलने वाली कटाई करने पर मशीन को सीज कर लिया जाए और उस मालिक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई जाए। हर कंबाइन व हार्वेस्टर की निगरानी के लिए कृषि विभाग के एक कर्मचारी की जाए।

अपर मुख्य सचिव कृषि ने कहा कि किसानों के पर पराली जलाने के दर्ज मुकदमों को वापस लेने का निर्देश पहले ही दिया जा चुका है। अब तक जिन किसानों से जुर्माना की वसूल नहीं किया गया है, उसे माफ कर दिया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को धान की कटाई से पहले पराली प्रबंधन को लेकर योजना बनाने का निर्देश दिया।

उन्होंने कहा कि हर न्याय पंचायत स्तर पर गोष्ठियों का आयोजन कर किसानों को जागरूक करें। पराली प्रबंधन के लिए न्याय पंचायत स्तर पर प्रयास किया जाए। स्कूल, पंचायत भवन, अस्पताल आदि की दीवारों पर परानी जलाने से होने वाले नुकसान के बारे में स्लोगन लिखवाए जाएं। जिले स्तर पर भी गोष्ठियों का आयोजन किया जाए। कृषि यंत्रों के अनुदान का वितरण जल्द से जल्द किया जाए।

जिले की 220 न्याय पंचायतों में आज गोष्ठियां

आजमगढ़। उप कृषि निदेशक संगम सिंह ने बताया कि जनपद में दो सितंबर से न्याय पंचायत स्तर पर गोष्ठियों का आयोजन शुरू किया जा रहा है। इसके लिए 220 न्याय पंचायतों का चयन किया गया है। यह कार्यक्रम नौ सितंबर तक चलेगा। पिछले साल जनपद में पराली जलाने की 63 घटनाएं हुई थी। जिन क्षेत्रों में सबसे ज्यादा पराली जलाने की घटनाएं हुई हैं उन क्षेत्रों में 15 से 30 सितंबर तक प्रदर्शनी का आयोजन किया जाएगा।



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