Published On: Fri, Aug 6th, 2021

Agra News: उफान पर नदियां, आगरा के कई गांवों में पानी घुसने से पलायन शुरू, घर-स्कूल डूबे, NDRF बुलाने की मांग


आगरा
आगरा जिले में चंबल नदी के तेज बहाव से बाह तहसील के 38 गांवों में हाहाकार मचा हुआ है। पिनाहट में गुरुवार सुबह चंबल नदी का जलस्तर 135 मीटर पर पहुंच गया है। यहां चंबल खतरे के लाल निशान से चार मीटर ऊपर बह रही है। 14 गांवों में बाढ़ का पानी भर गया है। प्रशासन बाढ़ प्रभावित गांवों से लोगों को निकाल कर ऊंचे स्थान पर पहुंचाने में जुट गया है। मऊ की मढ़ैया गांव में झोपड़ियां बह गईं है। एसडीएम ने डीएम को पत्र लिखकर मदद के लिए एनडीआरएफ को बुलाने की मांग की है।

राजस्थान और मध्य प्रदेश में हो रही मूसलाधार बारिश से चंबल किनारे बसे गांवों में बाढ़ के हालात बन गए हैं। पिनाहट में खतरे का निशान 130 मीटर पर है। चंबल इससे पांच मीटर ऊपर बह रही है। बाह तहसील क्षेत्र में चंबल किनारे बसे 14 गांव सर्वाधिक प्रभावित हैं। रास्तों से लेकर स्कूल और घरों में पानी भरने से पलायन शुरू हो गया है। बिजली सप्लाई ठप हो गई है। करीब 22 हजार लोगों के बाढ़ से प्रभावित होने की आशंका है।

एसडीएम बाह अब्दुल वासित राजस्व टीमों के साथ प्रभावित गांवों से लोगों को निकालने में जुटे हैं। ग्रामीणों को ऊंचे टीलों पर पहुंचाया जा रहा है। वहीं उनके लिए अस्थायी टैंट लगाकर राशन वितरण कराया जा रहा है। एसडीएम ने बताया कि जलस्तर और बढ़ने से हालात बेकाबू हो सकते हैं। इसे देखते हुए एनडीआरएफ की मदद के लिए डीएम को पत्र लिखा है।

ये गांव है सबसे ज्यादा प्रभावित
बाह तहसील के मऊ की मढ़ैया, गोहरा, रानीपुरा, भटपुरा, गुढ़ा, झरना पुरा, पुरा शिवलाल, पुरा डाल, उमरैठा पुरा, कछियारा, रेहा, डगोरा, भगवान पुरा, क्योरीपुरा का संपर्क तहसील से कट गया है। उमरेठा गांव पूरा खाली कराया है।

तीन नदियां हैं उफान पर
यमुना, चंबल और उटंगन के बीच त्रिकोण में बसे बाह तहसील में ये तीनों नदियां उफान पर हैं। बाह के पिढ़ौरा क्षेत्र में उटंगन यमुना में मिल जाती है। उटंगन से आ रहे भारी जलराशि की वजह से बाह में यमुना किनारे के कलींजर, बुढैरा, स्याइच, कोट, सिधावली, फरैरी, होलीपुरा, कलियानपुर, भरतार आदि 35 गांव बाढ़ की चपेट में आ सकते हैं। बटेश्वर का रानी घाट पानी में डूब गया है।

ये हैं हालात

– सिंचाई विभाग के सूत्रों ने बताया कि तेज बहाव रहा तो 136 मीटर तक हो सकता है जलस्तर
– सर्वाधिक प्रभावित 14 गांवों से लोगों को निकाल कर ऊंचे स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है
– जिन गांव में पानी भर गया है उनकी अगले 48 घंटे के लिए बिजली सप्लाई बंद की गई है
– वन विभाग की ओर से स्टीमर चलाए जा रहे हैं, जिसकी मदद से ग्रामीणों को निकाला जा रहा है
– गांव में जरूरतमंद और बीमार लोगों को दवाइयां और राशन सामग्री वितरित की जा रही है



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