Published On: Fri, Jun 11th, 2021

Azamgarh Zila Panchayat Election: आजमगढ़ में बीजेपी-एसपी के बीच जिपं अध्यक्ष के लिए कांटे की टक्कर, निर्दलीय साबित होंगे ट्रंप कार्ड


आजमगढ़
जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव की घोषणा अभी नहीं हुई है, लेकिन इस कुर्सी को हासिल करने की जद्दोजहद शुरू हो गई है। सत्ताधारी दल बीजेपी और एसपी दोनों के पास सदस्यों का समर्थन भी लगभग बराबर है। दोनों ही सीट जीतने का दावा भी कर रही हैं। इस सीट के लिए धनबल और बाहुबल के बीच सीधा मुकाबला होता दिख रहा है। इसका कारण है कि बीजेपी ने मुंबई के बड़े कारोबारी कन्हैया निषाद के पुत्र संजय निषाद को मैदान में उतारा है तो वहीं एसपी ने बाहुबली दुर्गा प्रसाद यादव के पुत्र विजय यादव पर दांव लगाया है। एसपी को कुर्सी हसिल करने के लिए 18 तो बीजेपी को 19 और सदस्यों की जरूरत है। ऐसे में चुनाव दिलचस्प होना तय है।

बता दें कि 2 मई को त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के परिणाम आने के बाद से ही जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी के लिए जोड़-तोड़ की राजनीति शुरू हो गई थी। यहां जिला पंचायत सदस्य की 84 सीटों में सर्वाधिक 25 सीट एसपी के खाते में हैं। इसके बाद 14 सीट जीतकर बीएसपी दूसरे नंबर पर है। बीजेपी को मात्र 11 सीटे मिली हैं। इसके अलावा एआईएमआईएम को 01, कांग्रेस को 01, उलेमा कौंसिल को 01, अपना दल को 01, आम आदमी पार्टी को 01, सुभासपा को 01 सीट मिली है। 27 सीटों पर निर्दलीय जीते हैं।

बीजेपी ने जुटाया समर्थन
मात्र 11 सीट पर सिमटने के कारण बीजेपी का दावा सबसे कमजोर और एसपी का सबसे मजबूत माना रहा रहा था। खासतौर पर बाहुबली दुर्गा प्रसाद यादव द्वारा अपने पुत्र विजय यादव को जिला पंचायत अध्यक्ष बनाने के लिए बाहुबली रमाकांत यादव को साथ लेकर मैदान में उतरने के बाद यह दावा और भी मजबूत हो गया था, लेकिन बीजेपी ने अंदरखाने से खुद को मजबूत कर एसपी के बराबर खड़ा कर लिया है। अब पार्टी के पास 24 सदस्यों का समर्थन है। पार्टी ने मुंबई के बड़े कारोबारियों में शुमार कन्हैया निषाद के पुत्र संजय निषाद को प्रत्याशी बनाया है।

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खुलकर नहीं आर रहे हैं सामने

यदि देखा जाए तो वर्तमान में जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी हासिल करने के लिए बीजेपी को मात्र 19 और एसपी को 18 और सदस्यों के समर्थन की जरूरत है। दोनों ही दल निर्दलियों के समर्थन का दावा कर रहे हैं। बीजेपी धनबल के बल पर सदस्यों का समर्थन हासिल कर अध्यक्ष की कुर्सी पर पहली बार जीत का सपना देख रही है तो वहीं एसपी के पास जिला पंचायत पर राज का पुराना अनुभव है। बाहुबली के पुत्र के मैदान में आने से तमाम सदस्य ऐसे हैं, जो खुलकर विरोध की हिम्मत नहीं जुटा पाएंगे। ऐसे में यहां लड़ाई काफी दिलचस्प होती दिख रही है। यह अंदाजा लगाना मुश्किल है कि जीत का सेहरा किसके सिर बंधेगा।



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