Published On: Sat, Aug 28th, 2021

Gorakhpur: President रामनाथ कोविंद ने दो विश्वविद्यालयों की दी सौगात, कहा- युनिवर्सिटी का नाम गुरु गोरखनाथ पर रखना सार्थक


Ramnath Kovind in Gorakhpur. यूपी के चार दिवसीय दौरे के तीसरे दिन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद (Ramnath Kovind) गोरखपुर (Gorakhpur) पहुंचे।

गोरखपुर. Ramnath Kovind in Gorakhpur. यूपी के चार दिवसीय दौरे के तीसरे दिन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद (Ramnath Kovind) गोरखपुर (Gorakhpur) पहुंचे। यहां बाबा गोरखनाथ (Gorakhnath) के नाम पर उन्होंने दो विश्वविद्यालयों – आयुष विश्वविद्यालय (Ayush University) व गोरखनाथ विश्वविद्यालय (Gorakhnath University) – की सौगात दी। महायोगी गुरु गोरखनाथ आयुष विश्वविद्यालय उत्तर प्रदेश का पहला आयुष विश्वविद्यालय होगा, जिसके आयुर्वेद (Ayurved), यूनानी (Unani), योग (Yoga), होम्योपैथी (Homepathy) चिकित्सा पद्धतियों का लाभ आमजन तक पहुंचाया जाएगा। राष्ट्रपति () ने इसके शिलान्यास के दौरान कहा कि उत्तर प्रदेश के इस विश्वविद्यालय का नाम गुरु गोरखनाथ के नाम पर रखना सार्थक है। गोस्वामी तुलसीदास ने भी गोरख की प्रतिष्ठा की है। वैदिक मंत्रोचार के बीच भूमि पूजन कर राष्ट्रपति ने विश्वविद्यालय की आधारशिला रखी। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi) व राज्यपाल आनंदीबेन पटेल (Anandiben Patel) भी मौजूद रहीं।

कोरोना काल में आयुष ने निभाई महत्वपूर्ण भूमिका-
शिलान्यास समारोह में राष्ट्रपति ने कहा कि कोरोना की दूसरी लहर को नियंत्रित करने में आयुष ने बड़ा रोल अदा किया है। यह विश्वविद्यालय परम्परागत चिकित्सा के तरीके के विकास में मील का पत्थर स्थापित करेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर यह स्थापित हो रहा है। यह पूर्वांचल के लिए गौरव की बात है कि इस आयुष विश्वविद्यालय का नाम योग की तमाम विधाओं के आदर्श महायोगी गोरखनाथ के नाम पर होगा।

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जब शुरू हुई बारिश तो राष्ट्रपति बोले, इंद्रदेव देने आए हैं आशीर्वाद-
शिलान्यास कार्यक्रम में अचानक बारिश शुरू हो गई, तो इस पर राष्ट्रपति ने कहा दि इंद्र देव खुद आशीर्वाद देने आए हैं। उन्होंने कहा कि शास्त्रों में एक मान्यता है कि कोई शुभ कार्य अगर खत्म हो रहा है और उस दौरान बारिश होने लगे तो उसे शुभ से अति शुभ कहा जाता है। और आयुष विश्वविद्यालय के प्रति लोगों का जो समर्पण हैं, उसे देख इंद्रदेव बाध्य हो गए कि कार्यक्रम खत्म होने के दौरान ही लोगों को आशीर्वाद देना है।

शिक्षा नीति से विद्यार्थियों का बढ़ेगा मनोबल: राष्ट्रपति
आयुष विश्वविद्यालय (Ayush University) के बाद राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद (Ramnath Kovind) ने गुरु गोरखनाथ विश्वविद्यालय (Gorakhnath University) का उद्धाटव किया। उन्होंने कहा कि भारत का इतिहास उच्च शिक्षा के क्षेत्र में हमेशा गौरवशाली रहा है। नई शिक्षा नीति इस तरह बनाई गई है कि विद्यार्थियों का मनोबल बढ़ेगा, उनके चरित्र के निर्माण के साथ उसका पूर्ण रूप से विकास होगा। महायोगी योगी गुरु गोरखनाथ विश्वविद्यालय (Gorakhnath University) भी इन्हीं संकल्पों के साथ आगे बढ़ेगा।





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