Published On: Tue, Apr 13th, 2021

high court orders on munger firing: munger firing mamle me 13 police adhikariyon ka transffer : हाईकोर्ट के आदेश पर 13 पुलिस अधिकारियों का ट्रांसफर जानिए पूरा मामला


मुंगेर
बहुचर्चित मुंगेर फायरिंग केस में पटना हाईकोर्ट के आदेश के बाद पटना पुलिस मुख्यालय ने बड़ी कार्रवाई की है। मुंगेर जिले में तैनात 13 पुलिस अधिकारियों का ट्रांसफर कर दिया गया है। मामले में ठीक से जांच नहीं करने की वजह से उनका तबादला अलग-अलग जिलों में किया गया है। पुलिस मुख्यालय की ओर से जारी एक अधिसूचना के अनुसार, ट्रांसफर किए गए 13 पुलिस अधिकारियों में से तीन इन्स्पेक्टर हैं। इनमें रतन कुमार और पंकज कुमार सिंह को गया भेजा गया है, विनय कुमार सिंह का ट्रांसफर किशनगंज हुआ है। अन्य 10 पुलिस अधिकारी सब-इंस्पेक्टर रैंक के हैं, उन्हें गया, सारण, अरवल और दरभंगा जिलों में स्थानांतरित किया गया है।

पटना हाईकोर्ट के निर्देश के बाद कार्रवाई
मुंगेर फायरिंग केस में तत्कालीन डीएम राजेश मीणा और एसपी लिपी सिंह को पहले ही निर्वाचन आयोग के निर्देश पर मुंगेर से ट्रांसफर कर दिया गया था। ये घटना प्रदेश में हो रहे विधानसभा चुनाव से दो दिन पहले हुई थी, इसलिए चुनाव आयोग ने ये कार्रवाई की थी। उसके बाद रचना पाटिल को मुंगेर का डीएम और मानवजीत सिंह ढिल्लो को एसपी नियुक्त किया गया।

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अमरनाथ पोद्दार की ओर से दायर की गई है रिट याचिका
पटना हाईकोर्ट ने 7 अप्रैल को मृतक युवक अनुराग पोद्दार के पिता अमरनाथ पोद्दार की ओर से दायर एक रिट याचिका पर सुनवाई करते हुए अहम निर्देश दिए थे। इसमें कहा गया कि वह पुलिस फायरिंग की जांच से जुड़े एसपी समेत अन्य पुलिस अधिकारियों को ट्रांसफर करे। कोर्ट ने मामले की जांच CID से करवाने का निर्देश भी दिया। साथ ही पीड़ित परिवार को मुआवजे के रूप में 10 लाख रुपये देने का आदेश दिया था। इसमें तत्कालीन एसपी का ट्रांसफर पहले ही हो चुका था ऐसे में अब 13 पुलिस अधिकारियों का तबादला किया गया है।

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हाईकोर्ट की निगरानी में CID करेगी मुंगेर फायरिंग की जांच
मुंगेर फायरिंग में सीआईडी जांच की आधिकारिक रूप से हाईकोर्ट स्वयं मामले की निगरानी करेगा। कोर्ट ने सीआईडी को चार सप्ताह में सीलबंद लिफाफे में रिपोर्ट पेश करने का निर्देश भी दिया है। अदालत के आदेश के अनुसार इस मामले की फाइल किसी अन्य अधिकारी के पास नहीं भेजा जा सकता है। अब इस मामले की अगली सुनवाई मई के पहले हफ्ते में होगी। मृतक के पिता अमरनाथ पोद्दार ने अपने बेटे अनुराग पोद्दार को न्याय दिलाने के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद उन्होंने हाईकोर्ट में अर्जी दाखिल की थी। बताया गया कि सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले कि सुनवाई 2 महीने में पूरा कर फैसला देने का निर्देश भी हाईकोर्ट को दिया था।

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2020 में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान हुआ था गोलीकांड
ध्यान रहे कि 26 अक्टूबर, 2020 को मुंगेर में मूर्ति विसर्जन जुलूस के दौरान पुलिस गोलीबारी और पथराव में एक युवक की मौत हो गई थी और कई अन्य घायल हो गए थे। घटना के बाद मुंगेर की तत्कालीन एसपी लिपि सिंह ने कहा था कि भीड़ में शामिल असामाजिक तत्वों ने फायरिंग की थी। उन्होंने तब कहा था कि विधानसभा चुनाव को देखते हुए पुलिस की ओर से प्रतिमा को जल्द विसर्जित करने का अनुरोध किया जा रहा था। लेकिन इसी बीच कुछ असामाजिक तत्वों ने पुलिस पर हमला करते हुए गोलीबारी शुरू कर दी। पुलिस के अनुसार, असामाजिक तत्वों की गोली से एक युवक (अनुराग पोद्दार) की मौत हुई, वहीं कई लोग घायल हो गए। उन्होंने यह भी कहा था कि इस घटना में सात थानाध्यक्ष समेत 20 पुलिसकर्मी भी घायल हुए थे।



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